Natural Disaster in Himachal: हिमाचल में कुदरत का कहर, बाढ़ में 90 लोगों की मौत

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक 90 लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को किन्नौर जिले में नेशनल हाईवे प
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक 90 लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को किन्नौर जिले में नेशनल हाईवे पांच के पास एक कार सतलुज नदी में गिर गई, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई। इसी दिन मनाली में एक वाहन 20 फीट गहरी खाई में गिर गया, जिससे दो और युवकों की जान चली गई। बारिश के कारण फिसलन और भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, और नदी-नालों का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन लगातार घटनाओं की आशंका के चलते लोगों को आगाह कर रहा है।
सोमवार को कुल्लू जिले के निरमंड में प्राथमिक पाठशाला पांकवा का भवन भूस्खलन से ध्वस्त हो गया, जिससे स्कूल के साथ लगे मकान भी खतरे में आ गए हैं। इसके अलावा, सेब के 500 पौधे भी तबाह हो गए हैं। सिरमौर जिले में पांवटा साहिब उपमंडल की बाता नदी पर 1962 में बना एक पुराना पुल सोमवार दोपहर को तेज बहाव के कारण टूट गया। कुछ दिन पहले ही पुल के पिलर तिरछा होने की वजह से इसे खतरे में पाया गया था, जिसके कारण यातायात को कम कर दिया गया था। सोमवार सुबह पुल पर यातायात बंद कर दिया गया था, लेकिन ऊपरी क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण कालाअंब-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाता पुल का पिलर पानी के तेज बहाव में गिर गया।
















