Tax Increase on Fuel: पेट्रोल-डीजल और ATF पर सरकार ने बढ़ाया ये टैक्स, जानिए क्यों और क्या होगा असर

मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदें एक बार फिर जागृत हो रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर लगातार अपडेट आ रहे हैं, खासकर डोनाल्ड ट्रंप के हालिया ऐलान क
मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदें एक बार फिर जागृत हो रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर लगातार अपडेट आ रहे हैं, खासकर डोनाल्ड ट्रंप के हालिया ऐलान के बाद। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतें भी गिर रही हैं, लेकिन भारत में सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर टैक्स बढ़ाने का निर्णय लिया है। सोमवार को सरकार ने फ्यूल एक्सपोर्ट पर विंडफॉल गेन टैक्स में वृद्धि की है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल पर निर्यात शुल्क को 2.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 3.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इसी तरह, डीजल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क 15.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर अब 25.5 रुपये प्रति लीटर हो गया है। ATF पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स भी 14.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यह ध्यान देने योग्य है कि सरकार ने जून महीने में भी विंडफॉल टैक्स में इजाफा किया था, जबकि पेट्रोल एक्सपोर्ट पर शुल्क को पहले की तरह ही रखा गया था।
इस टैक्स वृद्धि का घरेलू बाजार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। विंडफॉल टैक्स का यह कदम निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों का अत्यधिक लाभ उठाने से रोकने के लिए उठाया गया है, जिससे घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता मिल सके। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है, और जब ये कीमतें घरेलू बाजार से अधिक होती हैं, तो रिफाइनरियां निर्यात बढ़ाने लगती हैं। ऐसे में सरकार इस पर नियंत्रण पाने के लिए विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स लगाती है। भारत ने पहली बार 1 जुलाई 2022 को यह टैक्स लागू किया था, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ गई थीं।
















