Incident in Gorakhpur: अस्पताल में हंगामा, दरिंदे की पिटाई

गोरखपुर से एक च shocking घटना सामने आई है, जहां दुष्कर्म और हत्या के आरोपित बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादव को गुरुवार दोपहर मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया
गोरखपुर से एक च shocking घटना सामने आई है, जहां दुष्कर्म और हत्या के आरोपित बर्खास्त सिपाही अभिषेक यादव को गुरुवार दोपहर मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जैसे ही लोगों को इस बात की जानकारी मिली, उनका गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों, तीमारदारों और आम लोगों ने पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए आरोपित की पिटाई कर दी। इस अचानक हुई घटना ने अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। एसपी सिटी निमिष पाटील के मौके पर पहुंचने और हस्तक्षेप करने के बाद किसी तरह हालात सामान्य हो सके।
दोपहर दो बजे क्राइम ब्रांच और कोतवाली थाने की पुलिस आरोपित को लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंची। जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी मिली, इमरजेंसी के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित लोग आरोपित के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और उसके एनकाउंटर की मांग करने लगे। जैसे ही आरोपित अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ, स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे घेर लिया और उसकी पिटाई कर दी। इस हंगामे के कारण इमरजेंसी का कामकाज प्रभावित हुआ। पुलिस ने किसी तरह आरोपित को बचाया और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। एहतियात के तौर पर अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। अपराह्न 3:30 बजे तक स्वास्थ्यकर्मियों का हंगामा जारी रहा।
इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं में भी भारी नाराजगी देखने को मिली। गुरुवार को कोतवाली पुलिस आरोपित को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही थी, लेकिन जैसे ही पेशी की सूचना फैली, बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में पहुंच गए। विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस आरोपित को न्यायालय में पेश नहीं कर सकी। शाम करीब पांच बजे न्यायाधीश के आवास पर आरोपित को पेश किए जाने की सूचना मिली। इसके बाद बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट के उपाध्यक्ष सुमित मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने इंडियन बैंक के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। अधिवक्ता आरोपित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अधिकारियों से बातचीत के बाद जाम खत्म कर दिया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान न्यायालय परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
















