Iran sets new toll formula for ships: हर जहाज से सात प्रतिशत की चुंगी ईरान ने होर्मुज में टोल का नया फॉर्मूला सेट किया

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की योजना बनाई है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई है। इसे कई स्थानों पर होर्मुज टोल के रूप में देखा जा रहा है। यह जलडमरूमध्य कच्चे तेल और गैस की बड़ी मात्रा की आपूर्ति का मार्ग है। हालांकि, कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और शिपिंग कंपनियां इस कदम को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि किसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर अनिवार्य शुल्क लगाने से व्यापार और जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ईरान के इस कदम से नए नियमों का पालन करना होगा, जिसमें जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बात की गई है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग का नियंत्रण ईरान को सौंपने के पक्ष में नहीं है। रॉयटर्स के अनुसार, अगर किसी समझौते के तहत ईरान को होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण का अधिकार मिलता है, तो इससे क्षेत्र में शक्ति संतुलन ईरान के पक्ष में बदल सकता है। इससे पहले, युद्ध से पहले, यह जलडमरूमध्य सभी देशों के जहाजों के लिए खुला था और वहां से गुजरने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। वर्तमान में, यह स्पष्ट नहीं है कि सभी जहाजों को शुल्क देना होगा या नहीं। अमेरिका किसी भी प्रकार के टोल या शुल्क का विरोध कर रहा है। शिपिंग कंपनियों का कहना है कि यदि ऐसा होता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के नियमों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। ईरान का यह कदम ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव पहले से ही चिंता का विषय बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, और यही कारण है कि इस छोटे से समुद्री रास्ते पर तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
















