Land Acquisition in Gorakhpur: उद्यमी को 13 साल बाद मिला औद्योगिक भूखंड का कब्जा

गोरखपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां एक उद्यमी को 13 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद औद्योगिक भूखंड का भौतिक कब्जा मिल गया है। जिला उद्योग बंधु समिति की
गोरखपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां एक उद्यमी को 13 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद औद्योगिक भूखंड का भौतिक कब्जा मिल गया है। जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने यह जानकारी दी कि अमहिया ट्रांसपोर्ट नगर योजना के सेक्टर-22 में स्थित एक भूखंड किसानों के कब्जे से मुक्त करा लिया गया है। अब आवंटी को इस भूखंड का भौतिक कब्जा देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, और इसका आवंटन वर्ष 2026 से प्रभावी माना जाएगा। यह निर्णय उद्यमियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें अपने औद्योगिक प्रोजेक्ट को शुरू करने में मदद मिलेगी।
गीडा ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवंटी से कब्जा शुल्क वर्ष 2026 से ही लिया जाएगा। इसके अलावा, वर्ष 2011 से 2026 तक के विलंब को ध्यान में रखते हुए इस अवधि के लिए किसी प्रकार का समय विस्तारण शुल्क नहीं लिया जाएगा, और न ही मूलधन पर ब्याज लगाया जाएगा। इससे उद्यमी रमेश प्रकाश द्विवेदी को वर्षों के अतिरिक्त वित्तीय बोझ से राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि रमेश प्रकाश द्विवेदी के नाम वर्ष 2011 में भूखंड की रजिस्ट्री हो गई थी, लेकिन भूमि पर किसानों के कब्जे और रिलोकेशन प्रक्रिया के कारण उन्हें वास्तविक भौतिक कब्जा नहीं मिल सका था।

















