Tiger Attacks in Bihar: वीटीआर में बाघ का खौफ, 48 घंटे में दो मौतें

बगहा (पश्चिम चंपारण) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, वीटीआर के आसपास के वनवर्ती क्षेत्रों में बाघों की गतिविधियों में तेजी आई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों
बगहा (पश्चिम चंपारण) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, वीटीआर के आसपास के वनवर्ती क्षेत्रों में बाघों की गतिविधियों में तेजी आई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया है। पिछले 48 घंटों में बाघ के हमले में दो लोगों की जान चली गई है, जिसके कारण जंगल के किनारे बसे गांवों में दहशत का आलम है। ग्रामीणों का कहना है कि अब खेतों में काम करना, मवेशियों को चराना और जंगल के पास जाना भी जोखिम भरा हो गया है। इस स्थिति के मद्देनजर, वन विभाग की टीमें लगातार बाघ की लोकेशन ट्रेस करने और उसकी निगरानी में जुटी हुई हैं। मदनपुर वन क्षेत्र के पदाधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि उनकी टीम बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है और उसकी लोकेशन को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है।
ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगल और गन्ने के खेतों के आसपास अकेले न जाएं और समूह में काम करें। इसके साथ ही, वन विभाग ने किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत देने की सलाह दी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, संवेदनशील गांवों में निगरानी तेज करने और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की है। शुक्रवार को नौरंगिया थाना क्षेत्र के मिश्रौलिया रेता में 45 वर्षीय उमरावती देवी पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ ने महिला को गर्दन से दबोचकर गन्ने के रास्ते जंगल की ओर खींच लिया। आसपास मौजूद मजदूरों ने शोर मचाया और लाठी-डंडे लेकर दौड़े, जिसके बाद बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। हालांकि, तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
















