Milestone in UP's Maternity Scheme: यूपी में मातृ वंदना योजना में बनाया नया कीर्तिमान, योगी सरकार ने हासिल किया लक्ष्य का 102 फीसदी

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (pmmvy) के क्रियान्वयन में एक नई मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, व
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन में एक नई मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई तक प्रदेश ने निर्धारित लक्ष्य का 102.13 प्रतिशत हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ, उत्तर प्रदेश ने पूरे देश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सरकार ने 3,97,567 गर्भवती और धात्री महिलाओं के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन विभागीय अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा बहुओं के समन्वित प्रयासों के चलते रिकॉर्ड 4,06,058 महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
योगी सरकार ने मातृ वंदना योजना को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे एक राष्ट्रव्यापी अभियान का रूप दिया है। गांव-गांव और वार्ड-वार्ड स्तर पर विशेष अभियान चलाकर पात्र महिलाओं की पहचान की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी के अनुसार, जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक नियमित समीक्षा बैठकों और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इस प्रकार की समयबद्ध कार्रवाई के कारण यह मिशन मोड सफलता संभव हो पाई है। इसके अलावा, लाभार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए त्वरित वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।
चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 2,61,369 किस्तों के माध्यम से 86 करोड़ 55 लाख 62 हजार रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। योजना के अंतर्गत पहली संतान पर दो चरणों में 5,000 रुपये और दूसरी संतान यदि बालिका हो, तो 6,000 रुपये की सहायता सीधे प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को उत्तर प्रदेश में पूरी तरह तकनीक-आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। आवेदन से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित हो रही है। योजना में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लाभार्थी के चेहरा-आधार मिलान (FRS) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रकार की डिजिटल मॉनिटरिंग के कारण हर आवेदन का समय पर निस्तारण हो रहा है। लक्ष्य से अधिक नामांकन इस बात का सीधा प्रमाण है कि योगी सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखती है।

















