Nationwide Protest on August 17: भारतीय मजदूर संघ का श्रमिक अधिकारों के लिए प्रदर्शन

फतेहपुर। भारतीय मजदूर संघ (भामसं) ने श्रमिकों के अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर 17 अगस्त को देशभर में जिला और प्रदेश स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का न
फतेहपुर। भारतीय मजदूर संघ (भामसं) ने श्रमिकों के अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर 17 अगस्त को देशभर में जिला और प्रदेश स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस प्रदर्शन का उद्देश्य श्रमिकों की अनदेखी को रोकना और उनकी मांगों को सरकार के समक्ष रखना है। भामसं के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा और उत्तर क्षेत्र के सह संगठन मंत्री अशोक कुमार ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के विश्राम गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और यदि सरकार ने जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, श्रम कानूनों का पालन, ठेका प्रथा और निजीकरण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि होटल और पर्यटन विभाग के निजीकरण के कारण कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि निजी क्षेत्र के श्रमिकों के लिए प्रतिदिन 1,000 रुपये न्यूनतम मजदूरी, 30,000 रुपये मासिक वेतन, 15 फीसदी महंगाई भत्ता, 16 फीसदी लंबित एरियर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। भामसं के नेताओं ने यह दावा किया कि इस प्रदर्शन में प्रदेश के हजारों श्रमिक शामिल होंगे और यह आंदोलन श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक शुरुआत है और यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे आगे और भी बड़े आंदोलन की योजना बनाएंगे।
भामसं के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह आंदोलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई करे। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संदर्भ में प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रणनीति एक और दो अगस्त को नालागढ़ में होने वाली बैठक में तय की जाएगी। भामसं का यह आंदोलन श्रमिकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है।















