School Attendance Crisis: भागलपुर के सरकारी स्कूलों से 1.20 लाख बच्चे गायब

भागलपुर से एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति की स्थिति अत्यंत गंभीर है। शिक्षा विभाग द्वारा बच्चो
भागलपुर से एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति की स्थिति अत्यंत गंभीर है। शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे कि मिड-डे मील, मुफ्त पाठ्य पुस्तकें, पोशाक वितरण, अभिभावक-शिक्षक बैठकें (पीटीएम) और विशेष नामांकन अभियान। इन योजनाओं पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद जिले के विद्यालयों की वास्तविक स्थिति विभाग के दावों के विपरीत है। हाल ही में जारी मध्याह्न भोजन (एमडीएम) रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा एक से आठ तक के रोजाना एक लाख 20 हजार 689 बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। यह आंकड़ा शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि आखिर ये बच्चे कहां हैं।
जिले के 1737 प्रारंभिक विद्यालयों, 34 मदरसों और एक संस्कृत विद्यालय में कुल 4,00,936 बच्चे नामांकित हैं। इनमें से औसतन 2,80,247 बच्चे प्रतिदिन मध्याह्न भोजन ग्रहण कर रहे हैं, जो कि कुल नामांकित बच्चों का केवल 69.89 प्रतिशत है। इसका मतलब यह है कि 30.11 प्रतिशत बच्चे रोज स्कूल से गायब हैं। यह स्थिति तब है, जब शिक्षा विभाग द्वारा उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, तालीमी मरकज, विद्यालय शिक्षा समिति और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इन बच्चों की खोज-खबर ले रहे हैं।



















