PIL Against Construction in School Premises: हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इनकार

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में स्कूल परिसर में पंचायत भवन के निर्माण और शौचालय-टंकी तोड़े जाने के विरोध में एक निर्वाचित पंच द्वारा दायर जनहित याचिका को हाईकोर
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में स्कूल परिसर में पंचायत भवन के निर्माण और शौचालय-टंकी तोड़े जाने के विरोध में एक निर्वाचित पंच द्वारा दायर जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को पहले ग्राम पंचायत और सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें प्रस्तुत करनी चाहिए। यह निर्णय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ द्वारा लिया गया। याचिका में कहा गया था कि पंचायत भवन का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जा रहा है जो सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय से दूर है, जबकि तकनीकी स्वीकृति एक अन्य स्थान पर दी गई थी। इस मामले में याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के लिए स्कूल परिसर में बने शौचालय और पेयजल की टंकी को तोड़ दिया गया है, जिससे छात्रों की पढ़ाई, सुरक्षा और स्वच्छता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता, जो कि ग्राम पंचायत का निर्वाचित सदस्य है, को अपनी शिकायतें ग्राम पंचायत की बैठक या सक्षम अधिकारियों के समक्ष रखनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि यह मामला स्थानीय प्रशासन से संबंधित है। याचिकाकर्ता को यह निर्देश दिया गया कि वह अपनी शिकायतें जिला कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। इस प्रकार, अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने अधिकारों का उपयोग करने के लिए उचित मंच का सहारा लेना चाहिए।
















