Government's Claim on E20 Petrol: पेट्रोल की कीमतें 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जातीं

भारत सरकार ने अपनी e20 पेट्रोल पॉलिसी के तहत एक महत्वपूर्ण दावा किया है कि अगर यह नीति लागू नहीं होती, तो पेट्रोल की कीमतें 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थ
भारत सरकार ने अपनी E20 पेट्रोल पॉलिसी के तहत एक महत्वपूर्ण दावा किया है कि अगर यह नीति लागू नहीं होती, तो पेट्रोल की कीमतें 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थीं। सरकार का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद, E20 नीति ने पेट्रोल की कीमतों को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईरान युद्ध के दौरान वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जिससे भारत में पेट्रोल की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती थी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि अगर E20 का उपयोग नहीं किया गया होता, तो पेट्रोल की कीमतें 125 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती थीं। इसके विपरीत, E20 के कारण पेट्रोल की औसत कीमत लगभग 95 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रही, जिससे उपभोक्ताओं को प्रति लीटर लगभग 30 रुपये की बचत हुई।
हालांकि, सरकार की इस नीति को लेकर विपक्षी दलों और उपभोक्ता समूहों द्वारा कड़ी आलोचना की जा रही है। कई वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज में कमी और रखरखाव के खर्च में वृद्धि का आरोप लगाया है। सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि E20 से माइलेज में कमी तो आती है, लेकिन इसके लाभ कहीं अधिक हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि E20 के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा में सुधार हुआ है और यह वैश्विक तेल कीमतों के प्रति निर्भरता को कम करने में मददगार साबित हुआ है।
















