Recruitment irregularities suspected in JPSC: माध्यमिक आचार्य अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा माध्यमिक आचार्य के पदों पर हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। हाल ही में आयोग से अनुशंसित अभ्यर्थिय
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा माध्यमिक आचार्य के पदों पर हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। हाल ही में आयोग से अनुशंसित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों को लेकर कई शिकायतें स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद को निर्देश दिया है कि सभी विषयों के अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की गहन जांच की जाए। इस मामले में विभाग ने पहले ही सभी अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली थी और नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारी भी की जा रही थी। लेकिन अब शिकायतों के मद्देनजर विभाग ने निर्णय लिया है कि प्रमाणपत्रों की जांच पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों की माध्यमिक आचार्य के पदों पर नियुक्ति के लिए अनुशंसा की गई है, उनमें से कई अभ्यर्थी एक ही निजी विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण हुए हैं। इसके अलावा, कई अभ्यर्थी एक ही सत्र और एक ही विषय के हैं, और उनके प्राप्तांक भी समान हैं। इस संबंध में विभाग को लिखित शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस भर्ती प्रक्रिया में कुछ अनियमितताएँ हो सकती हैं। विभाग ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि सभी अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच की जाए ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
















