River Water Levels Rise: यमुना और गंगा के जलस्तर में वृद्धि

प्रयागराज जिले में मंगलवार रात हुई बारिश के बाद गंगा और यमुना के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा बुधवार सुबह आठ बजे जारी की गई र
प्रयागराज जिले में मंगलवार रात हुई बारिश के बाद गंगा और यमुना के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा बुधवार सुबह आठ बजे जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, नैनी में यमुना का जलस्तर 74.96 मीटर तक पहुंच गया है, जो पिछले 24 घंटे में 18 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्शाता है। वहीं, फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.32 मीटर तक पहुंच गया है, जिसमें 31 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, छतनाग में गंगा का जलस्तर 74.59 मीटर दर्ज किया गया है, जो 14 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी को दर्शाता है। इस बारिश के कारण नैनी क्षेत्र में 41.8 मिमी, फाफामऊ में 22.6 मिमी और छतनाग में 28.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यह वृद्धि स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन राहत की बात यह है कि गंगा का खतरे का निशान 84.734 मीटर है और वर्तमान में दोनों नदियां इस स्तर से काफी नीचे बह रही हैं।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और जलस्तर की निगरानी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल आयोग के अनुसार, नदियों के जलस्तर में वृद्धि के बावजूद, खतरे का स्तर अभी तक पार नहीं हुआ है। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन के लिए एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे बाढ़ की संभावनाएं कम हो जाती हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और किसी भी प्रकार की अनावश्यक यात्रा से दूर रहें। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलस्तर की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करते रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। इस समय सभी की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासन इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। जलस्तर की वृद्धि के बावजूद, प्रशासन का मानना है कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
















