RSS Leader Atul Limaye's Statement: अभिजीत दिपके ने संघ पर किया तीखा हमला

मुंबई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये के हालिया बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने ज
मुंबई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये के हालिया बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने जंतर-मंतर पर आयोजित काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन को राष्ट्रविरोधी और संविधान विरोधी करार दिया। इस पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को संघ पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन को राष्ट्रविरोधी बताने का संघ को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। दिपके ने यह भी कहा कि संघ का यह बयान लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है।
अतुल लिमये ने 30 जुलाई को छत्रपति संभाजीनगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक कार्यक्रम में युवाओं से अपील की थी कि वे नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का राजनीतिक अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल भाजपा विरोध तक सीमित नहीं था, बल्कि वामपंथी संगठनों द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की एक सुनियोजित कोशिश थी। लिमये ने आरोप लगाया कि कुछ समूह इटली के मार्क्सवादी चिंतक एंटोनियो ग्राम्शी के सिद्धांतों का उपयोग कर लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का विश्वास कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों का प्रारंभिक आक्रोश वास्तविक था, लेकिन बाद में आंदोलन को कथित राष्ट्रविरोधी तत्वों ने अपने कब्जे में ले लिया।
















