Sambhal Violence 2024: 'हम देश के मालिक हैं...नौकर या गुलाम नहीं', सांसद के बयान से बिगड़ा था पूरा माहौल

संभल में हाल ही में हुई हिंसा ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। 24 नवंबर 2024 को हुई इस हिंसा से पहले 21 से 23 नवंबर के बीच घटनाक्रम तेजी से बदला। इस दौ
संभल में हाल ही में हुई हिंसा ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। 24 नवंबर 2024 को हुई इस हिंसा से पहले 21 से 23 नवंबर के बीच घटनाक्रम तेजी से बदला। इस दौरान स्थानीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने अपने आवास के निकट स्थित मस्जिद में नमाज अदा करने के बजाय 22 नवंबर को जामा मस्जिद का दौरा किया। नमाज के बाद उन्होंने मस्जिद की सीढ़ियों से प्रेस को संबोधित किया और नमाजियों को एकत्र किया। सांसद ने कहा कि वह जामा मस्जिद की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और इसके लिए जो भी आवश्यक होगा, वह और अन्य लोग हमेशा वहां रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी जामा मस्जिद को उनसे नहीं छीन सकता। यह मस्जिद हमेशा रहेगी, इंशाल्लाह।
सांसद जियाउर्रहमान बर्क के इस बयान ने समाज में एक नई बहस को जन्म दिया है। जब जफर अली ने उन्हें रोका और उनकी बातों पर आपत्ति जताई, तो सांसद ने कहा, 'हम पुलिस, प्रशासन या सरकार से डरने वाले नहीं हैं। हम इस देश के मालिक हैं, नौकर या गुलाम नहीं।' इस बयान ने न केवल स्थानीय लोगों को प्रभावित किया, बल्कि मीडिया में भी इसकी चर्चा हुई। आयोग ने कहा कि सांसद के इस संबोधन से यह संदेश गया कि जामा मस्जिद खतरे में है और इसे पुलिस, प्रशासन या सरकार की मदद से छीना जा सकता है। इस स्थिति ने स्थानीय समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है।
















