Political Shift in Bihar: तेजस्वी के दबाव में सरकार ने वापस ली FIR

बिहार की राजनीति में सोमवार की रात एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब राज्य सरकार ने छात्र आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमों (fir) और कानूनी कार्रवा
बिहार की राजनीति में सोमवार की रात एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब राज्य सरकार ने छात्र आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमों (FIR) और कानूनी कार्रवाइयों को अचानक वापस लेने का निर्णय लिया। यह कदम बिहार की राजनीतिक स्थिति में नया घमासान पैदा कर रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह निर्णय आरजेडी (RJD) नेता तेजस्वी यादव के भारी दबाव में लिया गया है। इस निर्णय के बाद, बिहार की सियासत में कई नेता अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने यह कदम तेजस्वी यादव के अल्टीमेटम के आगे झुककर उठाया है।
पटना में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव विदेश में थे। इस दौरान, सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव को ट्रोल किया गया। हालांकि, जब वह विदेश दौरे से लौटे, तो उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने इतनी जल्दी क्यों घुटने टेक दिए, जबकि यह निर्णय पहले भी लिया जा सकता था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार ने इस फैसले को पहले ही लागू करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्होंने तब तक इंतजार किया जब तक तेजस्वी ने आंदोलन की धमकी नहीं दी।















