Tragic Incident in Prayagraj: सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस से दो मजदूरों की मौत

प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दुखद घटना घटित हुई, जब दो मजदूर एक निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में शटरिंग खोलने के लिए अंदर गए। यह घट
प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दुखद घटना घटित हुई, जब दो मजदूर एक निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में शटरिंग खोलने के लिए अंदर गए। यह घटना दोपहर के समय हुई, जब मजदूरों ने टैंक के अंदर प्रवेश किया और वहां से जहरीली गैस निकलने लगी। इस गैस के प्रभाव में आने के कारण दोनों मजदूरों की सांसें थम गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के जवानों ने काफी मेहनत के बाद दोनों मजदूरों के शवों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया, और घटनास्थल पर भीड़ इकट्ठा हो गई।
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने बताया कि यह निर्माणाधीन मकान गणेशगंज डेरी नेवादा समोगर के पास धर्मेंद्र केसरवानी का है, जो स्व. तीर्थराज के पुत्र हैं। मजदूरों ने टैंक के अंदर शटरिंग खोलने का कार्य शुरू किया था, तभी अचानक जहरीली गैस का रिसाव हुआ। लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। एसीपी सुनील कुमार सिंह और औद्योगिक थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि, अभी तक मजदूरों की पहचान नहीं हो सकी है। यह घटना न केवल मजदूरों के लिए बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक बड़ा आघात है। ऐसे हादसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होते हैं, और यह आवश्यक है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों का पालन किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इस घटना ने एक बार फिर से निर्माण कार्यों में सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है।
















