Change in the Air: ट्रांसजेंडर्स के लिए स्वावलंबन की नई राह

बागपत से एक नई शुरुआत की खबर आ रही है, जहां ट्रांसजेंडर्स अब स्वावलंबन की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहे हैं। उप्र ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इस पहल की शुरुआत की ज
बागपत से एक नई शुरुआत की खबर आ रही है, जहां ट्रांसजेंडर्स अब स्वावलंबन की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहे हैं। उप्र ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इस पहल की शुरुआत की जा रही है, जिसमें ट्रांसजेंडर्स को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। इस योजना के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इससे न केवल ट्रांसजेंडर्स का आत्मनिर्भर बनने का सपना पूरा होगा, बल्कि वे समाज की मुख्यधारा में भी सम्मान के साथ शामिल हो सकेंगे। यह कदम बदलाव की एक नई बयार को दर्शाता है, जिससे ट्रांसजेंडर्स को अपने अधिकारों और पहचान के लिए लड़ने का एक नया मंच मिलेगा।
उप्र ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिला स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। अब इस मिशन के तहत ट्रांसजेंडर्स, युवा विधवाएं, वृद्धजन, अनुसूचित जाति और अंत्यत पिछड़े वर्गों के लोगों को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन निदेशालय की उपायुक्त नीति श्रीवास्तव ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है, जिसमें इन वर्गों के परिवारों को आजीविका मिशन से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। इस पहल से वंचित वर्गों के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
















