Trump's Threats on Iran: ईरान पर ट्रंप की धमकियों का नया दौर

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के प्रति सख्त रुख अपनाया है। फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि होर्मुज का जलडमरूमध्य बहुत जल्द खुल जाएगा, अन्यथा अम
डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के प्रति सख्त रुख अपनाया है। फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि होर्मुज का जलडमरूमध्य बहुत जल्द खुल जाएगा, अन्यथा अमेरिका की तरफ से एक जोरदार हमला किया जाएगा। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा। यह बयान उस समय आया है जब उनकी सेना ने यह स्पष्ट किया है कि होर्मुज का जलडमरूमध्य खुला है। इसके साथ ही, ईरान और ओमान के बीच शिपिंग कॉरिडोर बनाने पर वार्ता चल रही है। ट्रंप के बयान में ईरान के प्रति स्पष्ट चेतावनी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास पहले से परमाणु हथियार नहीं हैं और यह स्थिति औपचारिक रूप से भी कायम रहेगी। ट्रंप ने अपने सख्त रुख को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर होर्मुज का जलडमरूमध्य जल्दी नहीं खुला, तो अमेरिका की तरफ से एक बहुत जोरदार हमला किया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज को फिर से खोलने के लिए बातचीत में प्रगति हो रही है, हालांकि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो दुनिया की तस्वीर बिल्कुल अलग होती। उन्होंने अपने पूर्ववर्तियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह समस्या पिछले 50 साल से चल रही है और दूसरे राष्ट्रपति इसे पहले ही हल कर सकते थे।
ट्रंप ने अपने नेतृत्व में किए गए प्रयासों को उजागर करते हुए कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो स्थिति बहुत खराब होती। वर्तमान में, कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, जिसमें ईरान और ओमान होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लेकर एक व्यवस्था पर बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, संभावित अंतरिम समझौते में लगभग 60 दिनों की व्यवस्था पर विचार हो रहा है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति अभी बाकी है। ट्रंप के ताजा बयान में बातचीत और समझौते की उम्मीद के साथ-साथ ईरान के लिए सैन्य कार्रवाई की खुली चेतावनी भी शामिल है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं या ट्रंप की धमकी के अनुसार अमेरिका फिर से सैन्य विकल्प अपनाता है।
















