AI-generated fake photos and videos: सरकार ने बदले नियम, अब 3 घंटे में हटाना होगा

भारत सरकार ने हाल ही में एआई से बने फर्जी फोटो और वीडियो पर नियंत्रण लगाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नए नियमों के अनुसार,
भारत सरकार ने हाल ही में एआई से बने फर्जी फोटो और वीडियो पर नियंत्रण लगाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नए नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी को बढ़ा दिया गया है। अब यदि सरकार या अदालत द्वारा कोई आदेश जारी किया जाता है, तो कंपनियों को अवैध या आपत्तिजनक एआई कंटेंट को 36 घंटे के बजाय केवल 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। यह बदलाव डिजिटल स्पेस में सुरक्षा को बढ़ाने के लिए किया गया है। इसके साथ ही, नग्नता या धोखाधड़ी जैसे मामलों में कार्रवाई की समय सीमा को 24 घंटे से घटाकर 2 घंटे कर दिया गया है। अन्य मामलों में यह समय सीमा 72 घंटे से घटाकर 36 घंटे कर दी गई है। इस प्रकार, सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि तेजी से बढ़ते एआई तकनीक के दुरुपयोग को रोका जा सके।
इसके अलावा, नए नियमों के तहत एआई से बनाई गई हर फोटो या वीडियो पर स्पष्ट 'लेबल' और 'मेटाडेटा' लगाना अनिवार्य होगा। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि उपयोगकर्ता जान सकें कि ये सामग्री असली नहीं है। सरकार ने 'इंडिया एआई मिशन' के तहत डीपफेक डिटेक्शन टेक्नोलॉजी विकसित करने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए तीन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मिलकर काम कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य एआई के गलत इस्तेमाल को रोकना और डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाना है।


















