Sustainable Business Model: जमशेदपुर के बिक्रांत तिवारी ने खड़े किए 1.20 करोड़ पेड़

जमशेदपुर के बिक्रांत तिवारी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है, जिसमें उन्होंने 1.20 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। उनका मानना है कि पेड़ के
जमशेदपुर के बिक्रांत तिवारी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है, जिसमें उन्होंने 1.20 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। उनका मानना है कि पेड़ केवल पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि किसानों और आदिवासी परिवारों के लिए स्थायी आय का एक बड़ा स्रोत बन सकते हैं। डॉ. बिक्रांत तिवारी, जो आईएमपीसीए, 'आदिवासी डॉट ओआरजी' और 'मड एंड मीडोज' जैसी कंपनियों के संस्थापक हैं, ने हाल ही में TEDx जमशेदपुर कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रकृति को बचाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि हमें इसे बर्बाद करना बंद करना चाहिए। उन्होंने बताया कि 2010 में उन्होंने पेड़ों को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में देखने का निर्णय लिया और आज उनका स्टार्टअप 100 करोड़ रुपये के सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल में बदल चुका है। उनकी संस्था टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियों के लिए कार्बन न्यूट्रैलिटी और बड़े पैमाने पर पौधारोपण के प्रोजेक्ट्स संचालित कर रही है।
डॉ. बिक्रांत तिवारी की कंपनी आदिवासी और ग्रामीण किसानों की बंजर जमीनों पर आर्थिक महत्व वाले पौधे जैसे सागवान, साल और शीशम लगाती है। हर लगाए गए पौधे की जियो-टैगिंग की जाती है और इसे कार्बन क्रेडिट सिस्टम से जोड़ा जाता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलता है। एक एकड़ जमीन में लगभग 100 सागवान के पेड़ लगाए जाते हैं, जो 20 वर्षों में किसानों को 6 से 7 लाख रुपये तक की आय दे सकते हैं। डॉ. बिक्रांत का मानना है कि यदि गांवों में पेड़ आधारित अर्थव्यवस्था विकसित हो, तो स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और पलायन की समस्या को कम किया जा सकेगा।



















