Yogi Government's Cow Protection Model: पंचगव्य से बन रहीं 40+ आयुर्वेदिक दवाएं; युवाओं के लिए बना करोड़ों का कारोबार

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोसंरक्षण नीति अब केवल बेसहारा और देसी नस्लों के संरक्षण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह राज्
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोसंरक्षण नीति अब केवल बेसहारा और देसी नस्लों के संरक्षण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार का एक मजबूत आधार बन चुकी है। पंचगव्य आधारित आयुर्वेदिक उत्पादों के माध्यम से युवा उद्यमी न केवल पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ रहे हैं, बल्कि करोड़ों रुपये का सालाना कारोबार भी खड़ा कर रहे हैं। गोसेवा के साथ शुरू हुई यह पहल अब एक बहुआयामी आर्थिक मॉडल का रूप ले चुकी है, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही है।
बुलंदशहर के एनवायरमेंट इंजीनियर पराग गौड़ ने प्राकृतिक उपचार को बढ़ावा देने के लिए पंचगव्य आधारित 40 से अधिक आयुर्वेदिक दवाएं और स्वास्थ्य उत्पाद विकसित किए हैं। इनमें मोटापे के लिए गोमूत्र अर्क, थायरॉइड के लिए कचनारादि अर्क, महिलाओं के लिए फल घृत और कैंसर व श्वसन रोगों में उपयोगी गोमूत्र कैप्सूल शामिल हैं। इन उत्पादों की भारी मांग के चलते उनका सालाना कारोबार सवा करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जिससे स्वदेशी चिकित्सा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान मिल रही है। यह न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली में भी एक नई दिशा दे रहा है।


















