Action Against Terrorists: गुलाम कश्मीर में बैठे चार आतंकियों की करोड़ों की संपत्ति अटैच

जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। आतंकवाद के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने के लिए रामबन पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्म
जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। आतंकवाद के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने के लिए रामबन पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में छिपे चार वांछित आतंकियों की लगभग 90.77 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 25 के तहत पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर की गई। पुलिस ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है, उनमें बनिहाल के जिन्हाल निवासी अब्दुल रशीद उर्फ बशीर की 11 मरला पैतृक भूमि शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत 9.25 लाख रुपये है। इसके अलावा, कुंदन खड़ी निवासी गुलाम रसूल उर्फ बादशाह की 10 कनाल भूमि पर खेती के अधिकार, जिसकी अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये आंकी गई है, को भी अटैच किया गया है। इसी तरह, कूट खड़ी निवासी अब्दुल लतीफ नाइक उर्फ सज्जाद की तीन कनाल पैतृक भूमि, जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये है, को अटैच किया गया है। इसके अलावा, बनिहाल के चरील निवासी मुश्ताक अहमद की दो मरला भूमि, जिसकी अनुमानित कीमत 1.52 लाख रुपये है, को भी अटैच कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आतंकवाद के समर्थन तंत्र को कमजोर करने और आतंकियों तथा उनके सहयोगियों को अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का लाभ उठाने से रोकने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर आतंकवाद के वित्तीय नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। रामबन पुलिस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल आतंकियों, उनके सहयोगियों तथा समर्थकों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इस प्रकार की कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि सुरक्षा बल आतंकवाद के खिलाफ सख्त हैं और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि वे लगातार ऐसे तत्वों की पहचान कर रहे हैं जो आतंकवाद को बढ़ावा देने में संलग्न हैं और उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और अधिक सख्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

















