Insurance Fraud Uncovered: 25 लाख रुपये के बीमा धोखाधड़ी का मामला, फर्जी कागजात बनाने वाला डॉक्टर गिरफ्तार

मेरठ से एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक आयुर्वेदिक चिकित्सक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह चिकित्सक शहर के प्रमुख अस्पतालों के नाम पर फर्जी
मेरठ से एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक आयुर्वेदिक चिकित्सक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह चिकित्सक शहर के प्रमुख अस्पतालों के नाम पर फर्जी कागजात बनाने का काम कर रहा था। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने एक बीमा कंपनी के एजेंट के साथ मिलकर एक बैंक मैनेजर की पत्नी के लिए फर्जी मेडिकल कागजात तैयार किए थे। यह मामला तब उजागर हुआ जब बीमा कंपनी ने क्लेम के दस्तावेजों की जांच के लिए डॉ. जगदीप सिंघल के पास भेजे। डॉ. सिंघल ने जब इन कागजातों की जांच की, तो उन्हें पता चला कि उनके नाम से फर्जी कागजात तैयार किए गए हैं। इसके बाद पुलिस ने कोतवाली में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी के क्लिनिक से कई फर्जी लेटर हेड, विभिन्न अस्पतालों की मुहरें और ओपीडी के पर्चे भी बरामद किए हैं।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि 7 मई को डॉ. जगदीप सिंघल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके नाम से फर्जी कागजात बनाकर मेडिकल क्लेम वसूला जा रहा है। जांच के दौरान पता चला कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी आयुष नामक व्यक्ति बीमा कंपनी का एजेंट है, जिसने आयुर्वेदिक चिकित्सक दीपक गुप्ता के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी की योजना बनाई थी। दीपक गुप्ता विभिन्न अस्पतालों और डॉक्टरों की फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करता था। आयुष ने कुरुक्षेत्र में कैनरा बैंक के मैनेजर दीपक इंदल से संपर्क किया और उनकी पत्नी मोनिका के लिए फर्जी कागजात तैयार करने को कहा। इस प्रकार, आयुष ने दीपक गुप्ता के माध्यम से मोनिका के लिए फर्जी कागजात तैयार कराए और बजाज बीमा कंपनी में 1,500 रुपये के क्लेम के लिए आवेदन किया।
जांच के दौरान जब यह मामला पकड़ में आया, तो पुलिस ने डॉ. दीपक को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, बैंक मैनेजर दीपक इंदल और आयुष को भी मामले में आरोपित बनाया गया। मोनिका को इस मामले की जानकारी न होने के कारण क्लीनचिट दे दी गई। डॉ. दीपक गुप्ता अपने घर में क्लिनिक चलाते हैं, जहां से पुलिस ने सहारा अस्पताल समेत कई अस्पतालों और विभिन्न चिकित्सकों की नकली मुहरें और लेटर हेड बरामद किए हैं। बैंक मैनेजर दीपक ने अपनी पत्नी का 25 लाख रुपये का बीमा कराया था, लेकिन पहले केवल 1,500 रुपये के क्लेम के लिए आवेदन किया था ताकि जांच में कोई कठिनाई न आए। उसके बाद वह 25 लाख रुपये का बड़ा क्लेम लेने की योजना बना रहा था।



















