Commonwealth Boxing: परवीन हुड्डा का पदक का सपना टूटा, क्वार्टर फाइनल में हार गईं

कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत की मुक्केबाज परवीन हुड्डा का पदक जीतने का सपना पहले ही मुकाबले में टूट गया है। रोहतक जिले के गांव रुड़की की रहने वाली परव
कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत की मुक्केबाज परवीन हुड्डा का पदक जीतने का सपना पहले ही मुकाबले में टूट गया है। रोहतक जिले के गांव रुड़की की रहने वाली परवीन ने करीब डेढ़ वर्ष बाद अंतरराष्ट्रीय रिंग में वापसी की थी, लेकिन क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड की मुक्केबाज साशा के खिलाफ उन्हें 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत की ब्रॉन्ज मेडल की एक बड़ी उम्मीद भी समाप्त हो गई। मुकाबले के पहले डेढ़ मिनट में ही रेफरी को प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को चेतावनी देनी पड़ी, जिससे मुकाबले की शुरुआत से ही तनाव बढ़ गया। पहले राउंड में परवीन 4-1 से पीछे रहीं, जो उनके लिए एक कठिन शुरुआत साबित हुई। इसके बाद दूसरे राउंड में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें रेफरी ने दोनों को चेतावनी दी, लेकिन इसके बावजूद परवीन 3-0 से पिछड़ गईं। अंतिम राउंड में उन्होंने वापसी करने का प्रयास किया, लेकिन प्रतिद्वंदी को नाकआउट करने में असफल रहीं, जिसके चलते उन्हें 3-2 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
परवीन का यह सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वापसी की थी और इस दौरान उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई थी। ग्लासगो में पदक जीतने के इरादे से पहुंची परवीन का सफर पहले ही मुकाबले में समाप्त हो गया, जो उनके लिए निराशाजनक था। उनकी मां नीलम ने कहा कि इतने लंबे समय बाद किसी खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करना आसान नहीं होता। यह एक मानसिक और शारीरिक चुनौती थी, लेकिन परवीन ने हार नहीं मानी। केवल एक महीने के भीतर भार वर्ग बदलना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, फिर भी उन्होंने अपने संघर्ष को जारी रखा।
















