




पंतजलि नर्सरी स्कूल में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका विभा श्रीवास्तव ने कार्यक्
पंतजलि नर्सरी स्कूल में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका विभा श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत नन्हें विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत 'गुरु वंदन' से हुई, जिसमें बच्चों ने अपनी मासूमियत और श्रद्धा के साथ गुरु का सम्मान किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित एक जीवंत झाँकी प्रस्तुत की, जिसने भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान का सुंदर एवं प्रभावशाली चित्रण किया। केजी और प्रेप के विद्यार्थियों ने 'गुरु महिमा' गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सभी को भावविभोर कर दिया। इस दौरान केजी के बच्चों ने 'आओ गुरु के द्वार' पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, जो दर्शकों के दिलों को छू गया। इसके पश्चात दो नन्हें विद्यार्थियों द्वारा 'गुरु आमंत्रण' गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रेप के विद्यार्थियों ने 'गुरु को नमन' नृत्य के माध्यम से गुरुजनों के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया। यह सभी प्रस्तुतियाँ न केवल बच्चों की प्रतिभा को दर्शाती हैं, बल्कि गुरु के प्रति उनकी गहरी भावना को भी उजागर करती हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कृष्णा गुप्ता ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को गुरुजनों के आदर्शों का अनुसरण करने की प्रेरणा दी। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत करें, ताकि बच्चों में सही संस्कार और शिक्षा का विकास हो सके। विद्यालय की निदेशिका रेखा वैद गुप्ता ने विद्यार्थियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना की और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि उन्हें अपने संस्कारों से भी जोड़ते हैं। अंत में प्रधानाचार्य श्रीमती विभा श्रीवास्तव जी ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया। इस उत्सव ने सभी को एकजुट होकर गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया।
गुरु पूर्णिमा का यह उत्सव पंतजलि नर्सरी स्कूल में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा गया, जहाँ विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और गुरु के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने न केवल बच्चों को बल्कि अभिभावकों को भी प्रेरित किया कि वे अपने बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन करें। इस प्रकार के आयोजन से विद्यालय का वातावरण और भी सकारात्मक बनता है और बच्चों में आत्मविश्वास का विकास होता है। गुरु पूर्णिमा का यह पर्व हमें यह सिखाता है कि हमें अपने गुरु का सम्मान करना चाहिए और उनके द्वारा दी गई शिक्षा को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। इस प्रकार, पंतजलि नर्सरी स्कूल में गुरु पूर्णिमा का उत्सव एक सफल आयोजन रहा, जिसने सभी के दिलों में गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान को और भी गहरा किया।
Vaibhav SuryaVanshi: दलीप ट्रॉफी में बने उप-कप्तान, मोहम्मद शमी को मिला मौका