Action Against UP Teachers: अब नहीं चलेंगे बहाने, डिजिटल हाजिरी ना लगाने पर कटेगी सैलरी

बदायूं से आशीष देव मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सख्त कदम उठाया है।
बदायूं से आशीष देव मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सख्त कदम उठाया है। अब प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और संविलियन स्कूलों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए रोजाना ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय टीचर माड्यूल पर हाजिरी दर्ज न करने वाले शिक्षकों के वेतन से कटौती की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत, शिक्षकों को अब अपने स्कूल में समय पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा, अन्यथा उन्हें अपनी सैलरी में कटौती का सामना करना पड़ेगा। इस प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी सीधे मुख्यमंत्री के डैशबोर्ड से की जाएगी, जिससे बिना किसी ठोस कारण के लेट आने या स्कूल से अनुपस्थित रहने को अनुशासनहीनता माना जाएगा।
बीएसए नवीन कुमार ने बताया कि ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था पहले से ही लागू थी, लेकिन शिक्षकों द्वारा बहानेबाजी के कारण इसका पालन नहीं हो पा रहा था। शिक्षकों द्वारा स्मार्टफोन न होने या तकनीकी खराबियों का बहाना बनाकर हाजिरी नहीं लगाई जाती थी। इस समस्या को हल करने के लिए, शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को दो से तीन टैबलेट उपलब्ध कराए हैं, जिससे रोजाना का अटेंडेंस डेटा तुरंत पोर्टल पर अपलोड किया जा सके। अब प्रधानाध्यापकों को अपने स्कूल की शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। यदि किसी दिन नेटवर्क या तकनीकी खराबी आती है, तो प्रधानाध्यापक को तुरंत खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित सूचना देनी होगी और समस्या ठीक होते ही उपस्थिति दर्ज करानी होगी।



















