Judges Bill Passed Without Debate: लोकसभा में बिना बहस के पास हुआ जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल

नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में लोकसभा में एक महत्वपूर्ण बिल बिना किसी बहस के पारित किया गया है। यह बिल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या क
नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में लोकसभा में एक महत्वपूर्ण बिल बिना किसी बहस के पारित किया गया है। यह बिल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने के लिए लाया गया था, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं। इस बिल के पारित होने के दौरान विपक्ष ने नीट पेपर लीक और राम मंदिर में कथित चंदा चोरी जैसे मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सदस्यों ने अध्यादेश जारी करने की प्रक्रिया की निंदा करते हुए एक वैधानिक प्रस्ताव भी पेश किया, जिसे ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। इस दौरान सदन में नारेबाजी का माहौल बना रहा, जिससे बिल पर चर्चा नहीं हो सकी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बिल पर संक्षिप्त टिप्पणी की, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से वैधानिक प्रस्ताव पर बोलने का आग्रह किया, लेकिन नारेबाजी के कारण सदन में कोई संवाद नहीं हो सका। अंततः बिल को मतदान के लिए रखा गया और इसे पारित कर दिया गया।
इससे पहले, पिछले सप्ताह जन्म और मृत्यु पंजीकरण में संशोधन करने वाला एक अन्य बिल भी बिना किसी बहस के पारित किया गया था। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि वर्तमान समय में संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर नहीं मिल रहा है। विपक्षी दलों ने इस तरह के निर्णयों पर चिंता जताई है और इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना बहस के महत्वपूर्ण विधेयकों का पारित होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। इस प्रकार के घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि संसद में पारदर्शिता और चर्चा की आवश्यकता है, ताकि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके।
सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, 2026 के पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इस बिल के पारित होने से न्यायपालिका में जजों की संख्या में वृद्धि होगी, जो कि न्यायिक कार्यभार को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकता है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि इस तरह के महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा न करना और बिना बहस के पारित करना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
















