NTA Staffing Issues: एनटीए में स्थायी कर्मचारियों से तीन गुना ज्यादा सलाहकारों की फौज

नई दिल्ली में एनटीए के कामकाज पर सवाल उठने के बीच हाल ही में सामने आई जानकारी ने सबको चौंका दिया है। नीट-यूजी पेपर लीक के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि एनटीए में सलाह
नई दिल्ली में एनटीए के कामकाज पर सवाल उठने के बीच हाल ही में सामने आई जानकारी ने सबको चौंका दिया है। नीट-यूजी पेपर लीक के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि एनटीए में सलाहकारों और परामर्शदाताओं की संख्या स्थायी कर्मचारियों की संख्या से तीन गुना अधिक है। यह तथ्य शिक्षा मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में सामने आया है। एनटीए में कुल 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 24 पद भरे हुए हैं। जबकि संविदा पर 73 लोग तैनात हैं, जिनमें वरिष्ठ परामर्शदाता, परामर्शदाता और सलाहकार शामिल हैं। इसके अलावा, आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी 124 लोगों की तैनाती की गई है। यह स्थिति तब है जब एनटीए को परीक्षाओं के संचालन में कोई भी गड़बड़ी नहीं होने देना चाहिए था।
रिपोर्ट के अनुसार, एनटीए में सलाहकारों और परामर्शदाताओं की संख्या में वृद्धि ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिरकार इन सभी विशेषज्ञों के होते हुए भी परीक्षा में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई। इन सलाहकारों में सुरक्षित प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञ और परीक्षा संचालन के विशेषज्ञ शामिल हैं। हालांकि, मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि परामर्शदाता के कितने पद हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार एनटीए में 79 परामर्शदाता हैं। यह स्थिति एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है और यह दर्शाती है कि संगठन में प्रबंधन की कमी है।



















