Legal Battle Over Reservation in Promotions: MP में सरकारी कर्मचारियों पदोन्नति में आरक्षण पर फिर फंसा पेंच

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण का विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की लंबित याचिका के कारण गहरा गया है। सोमवार को
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण का विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की लंबित याचिका के कारण गहरा गया है। सोमवार को हाई कोर्ट में इस मामले पर करीब एक घंटे तक बहस चली, जिसके बाद सुनवाई को 18 अगस्त तक टाल दिया गया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही रिट अपील पर आगे सुनवाई करना उचित होगा। इस बीच, दोनों पक्ष अब सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त आवेदन देकर एसएलपी की जल्द सुनवाई कराने का प्रयास करेंगे। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच तर्क-वितर्क का सिलसिला जारी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह विवाद कितना जटिल हो गया है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने राज्य सरकार से यह प्रश्न किया कि क्या 2025 के नए प्रमोशन नियम लागू करने से पहले सुप्रीम कोर्ट में कोई अनुमति या आवेदन दिया गया था। इस पर राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने जानकारी दी कि कई राज्यों से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि 2025 के नियमों की प्रस्तावना में एसएलपी 13954/2016 का उल्लेख है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 12 मई 2016 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इस आदेश का असर भविष्य की पदोन्नतियों पर भी पड़ सकता है, जिससे यह मामला और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
















