RTI Response Delayed: यूपी बोर्ड के जनसूचना अधिकारी तलब

प्रयागराज से विधि संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने जन
प्रयागराज से विधि संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने जनसूचना अधिकारी क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी को निर्देश दिया है कि वे अगली सुनवाई में उपस्थित हों। यह आदेश उस समय दिया गया जब यूपी बोर्ड ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआइ) के तहत मिले आवेदन के जवाब में समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराई। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि वर्ष 2026 में अब तक कितनी आरटीआइ अर्जी आई हैं, कितनी का निस्तारण किया गया है और कितनी अर्जी अभी विचाराधीन हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी, जब सभी संबंधित पक्षों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा।
कोर्ट की एकलपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर शामिल हैं, ने छात्रा रागिनी सिंह की याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। रागिनी ने उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए आरटीआइ आवेदन दायर किया था, लेकिन उन्हें अब तक कोई उत्तर नहीं मिला। इस मामले में याची की ओर से अधिवक्ता अजीत सिंह और हिमांशु सिंह ने बहस की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष यह तर्क रखा कि सूचना का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को जानकारी प्रदान करना है, और यदि अधिकारी समय पर जानकारी नहीं देते हैं, तो यह कानून का उल्लंघन है।



















