Ajit Doval to Receive Lokmanya Tilak Award in Pune: कांग्रेस करेगी अमित शाह का विरोध

राज्य ब्यूरो, मुंबई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल को इस वर्ष का प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक सम्मान दिए जाने की घोषणा के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-
राज्य ब्यूरो, मुंबई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल को इस वर्ष का प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक सम्मान दिए जाने की घोषणा के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस ने जहां यह सम्मान देने आ रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पुणे यात्रा के दौरान विरोध प्रदर्शन का एलान किया है, वहीं शिवसेना (यूबीटी) और भाजपा के बीच भी तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। लोकमान्य तिलक ट्रस्ट की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार, शनिवार को पुणे में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल को लोकमान्य तिलक सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता एवं सांसद संजय राउत ने पुरस्कार की गरिमा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज पुरस्कारों का भी "बाजार" बन गया है और जनता इस बाजार को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के हाथों यह सम्मान दिया जा रहा है, उसी पर छात्रों पर लाठीचार्ज कराने का आरोप है। राउत ने कहा कि यह सम्मान ऐसे व्यक्ति को दिया जा रहा है, जिसने छात्रों पर लाठियां बरसते हुए देखा, लेकिन चुप्पी साधे रखी। उनके अनुसार इससे पुरस्कार की प्रतिष्ठा पर प्रश्नचिह्न लगता है। उधर कांग्रेस ने भी अमित शाह की पुणे यात्रा के दौरान विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार कहना है कि हाल की घटनाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर वह गृह मंत्री के दौरे का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी। इसे लेकर प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क हो गया है। विपक्ष के आरोपों का भाजपा ने भी तीखा जवाब दिया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवनाथ बन ने संजय राउत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जिन्हें लोकमान्य तिलक जैसे महापुरुषों के नाम पर दिए जाने वाले सम्मान पर टिप्पणी करने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे स्वयं अभिजीत दिपके को विष्णु का अवतार बताकर उनकी पूजा कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने सवाल किया कि क्या यह उचित है? उन्होंने कहा कि दूसरों पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपने नेताओं के आचरण पर भी विचार करना चाहिए।
















