Allahabad High Court grants bail to Pakistani woman: भारत में 35 साल से रह रही थी पाकिस्तानी महिला, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दी जमानत

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक पाकिस्तानी महिला को जमानत दी है, जिस पर जाली दस्तावेजों के माध्यम से भारत में अवैध रूप से रहने का आरोप था। अदालत ने पाया कि जालसाजी का
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक पाकिस्तानी महिला को जमानत दी है, जिस पर जाली दस्तावेजों के माध्यम से भारत में अवैध रूप से रहने का आरोप था। अदालत ने पाया कि जालसाजी का कोई सबूत पेश नहीं किया गया। जस्टिस कृष्ण पहल ने कहा कि महिला ने 35 वर्षों से अधिक समय से वैध वीजा और निवास परमिट के आधार पर भारत में निवास किया है। 5 अगस्त के आदेश में यह स्पष्ट किया गया कि महिला के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।
यह मामला तब शुरू हुआ जब एक स्थानीय महिला ने मेरठ के दिल्ली गेट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि आरोपी महिला और उसकी बेटी जाली दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रही हैं। आरोप के अनुसार, आरोपी महिला की शादी एक भारतीय नागरिक से हुई थी और उसने पाकिस्तान में एक बच्ची को जन्म दिया था।
एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला ने यह भी कहा कि मां-बेटी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत में आई थीं और तब से अवैध रूप से रह रही हैं। महिला ने यह आरोप भी लगाया कि आरोपी महिला के पिता पाकिस्तानी नागरिक हैं और वह सेना मुख्यालयों का दौरा करने में शामिल थीं।
वरिष्ठ अधिवक्ता एनआई जाफरी और मोहम्मद असलम ने अदालत में बताया कि आरोपी महिला की शादी 1986 में लाहौर में एक भारतीय नागरिक से हुई थी। वकीलों ने यह भी तर्क किया कि एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला का आवेदक के पति के साथ व्यापारिक मतभेद के कारण विवाद चल रहा था।
















