UP: जानें कौन है अनुराग वैद्य, जिसने व्यापारियों से की करोड़ों की ठगी

मथुरा में व्यापारियों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुख्य आरोपी अनुराग वैद्य को गोविंद नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अनुराग वैद्य पर आ
मथुरा में व्यापारियों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मुख्य आरोपी अनुराग वैद्य को गोविंद नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अनुराग वैद्य पर आरोप है कि उसने लाॅटरी और प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर व्यापारियों को ठगा। वह कई महीनों से पुलिस के रडार पर था और कोर्ट में आत्मसमर्पण करने से पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस ने पहले से ही सपा नेता अनिल अग्रवाल को हिरासत में लेकर घंटों तक पूछताछ की थी। कोतवाली पुलिस ने 10 नवंबर 2025 को दो प्राथमिकी दर्ज की थीं, जिनमें अनुराग वैद्य के साथ अन्य आरोपियों का नाम भी शामिल है। इन आरोपियों में अनिल अग्रवाल, निहारिका अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल, साहिल अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, आकाश वाल्मीकि, प्रमोद वाल्मीकि और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। राधा वैली निवासी शुभम अग्रवाल, मधुवन एन्क्लेव निवासी पवन अग्रवाल, नई मंडी निवासी मनोज अग्रवाल और आदर्श नगर निवासी केके शिवहरे ने पुलिस को बताया कि अनुराग वैद्य ने अपने परिवार और साथियों के साथ मिलकर व्यापारियों को धोखा दिया। उन्होंने बताया कि वैद्य ने उन्हें लाॅटरी और भूमि में निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। गिलट कारोबारी मनीष अग्रवाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने अनुराग वैद्य को 40 लाख रुपये की चार लॉटरी डालने के लिए दिए थे, लेकिन न तो उनकी रकम लौटाई गई और न ही भूमि का बैनामा कराया गया। इसी तरह व्यापारी राहुल बंसल ने भी 1.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। एसएसपी श्लोक कुमार ने इस गिरोह के सदस्यों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने पुष्टि की कि मुख्य आरोपी अनुराग वैद्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में सपा नेता अनिल अग्रवाल से हुई घंटों की पूछताछ के बाद भी अनुराग वैद्य की तलाश जारी रही। कोतवाली पुलिस ने 2 जुलाई को अनिल अग्रवाल को हिरासत में लिया था और बाद में उसे गोविंद नगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। गोविंद नगर पुलिस ने अनिल अग्रवाल से घंटों तक पूछताछ की, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। इस बीच, अनुराग वैद्य की गिरफ्तारी से व्यापारियों में राहत की लहर है, जो लंबे समय से उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
















