Ayodhya Ram Mandir Trust: नृपेंद्र मिश्र की स्थिति हुई कमजोर, चढ़ावा चोरी का मामला गरमाया

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से जुड़े चढ़ावा चोरी के मामले ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की स्थिति को कमजोर कर दिया है। हाल ही में हुई घट
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से जुड़े चढ़ावा चोरी के मामले ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की स्थिति को कमजोर कर दिया है। हाल ही में हुई घटनाओं के बाद मिश्र ने मीडिया में चोरी स्वीकार करने के बाद खुद को अलग-थलग पाया है। जब से एसआईटी की जांच शुरू हुई है, तब से मिश्र की सक्रियता में कमी आई है। पहले वह हर पखवाड़े रामजन्मभूमि परिसर का दौरा करते थे, लेकिन अब उनका अगला दौरा तय नहीं हो पा रहा है। पिछले कुछ समय से उनके द्वारा आयोजित समीक्षा बैठकें भी स्थगित हो गई हैं, जिससे कार्यदायी एजेंसियों के अधिकारी भी चिंतित हैं। पिछले कुछ समय में मिश्र ने चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर मीडिया से बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने इसे डाका तक कहा था। इसके बाद से उनके प्रति ट्रस्ट के कुछ सदस्यों और मंदिर के सेवादारों में आक्रोश बढ़ गया है।
पांच जून को चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद मिश्र ने नौ जून को अयोध्या का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ट्रस्टियों के साथ बैठक कर इस मामले की गोपनीय रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपी थी। लेकिन जब यह मामला मीडिया में सुर्खियों में आया, तो राज्य सरकार ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू कराई। मिश्र ने मीडिया में चढ़ावा चोरी को स्वीकार किया और कुछ ट्रस्टियों की अनियमितताओं की ओर भी इशारा किया। हालांकि, उन्होंने पूर्व महासचिव चंपतराय का बचाव किया था। इस स्वीकारोक्ति के बाद से मिश्र की स्थिति और भी कमजोर हो गई है। दस जुलाई को जब वह निर्माण कार्य की समीक्षा के लिए अयोध्या पहुंचे, तो कार्यदायी एजेंसियों के अधिकारियों के अलावा कोई ट्रस्टी उनसे मिलने नहीं आया।
















