Cancer Patient's Struggle: गाजियाबाद में कैंसर मरीज को डेढ़ महीने पुलिसकर्मियों ने दौड़ाया

गाजियाबाद के एसीपी नंदग्राम, जियाउद्दीन अहमद के कार्यालय में मंगलवार को एक बुजुर्ग कैंसर मरीज की दर्दनाक कहानी सुनने को मिली। यह बुजुर्ग, जगतपाल, कैंसर से जूझते
गाजियाबाद के एसीपी नंदग्राम, जियाउद्दीन अहमद के कार्यालय में मंगलवार को एक बुजुर्ग कैंसर मरीज की दर्दनाक कहानी सुनने को मिली। यह बुजुर्ग, जगतपाल, कैंसर से जूझते हुए अपनी पीड़ा को बयां करने के लिए एसीपी के पास पहुंचे थे। उनकी आंखों में आंसू थे और वे इतने टूट चुके थे कि अपनी बात भी ठीक से नहीं कह पा रहे थे। जगतपाल ने बताया कि 22 जून को नंदग्राम में एक युवक ने उनके एटीएम कार्ड को बदलकर उनके खाते से 2.38 लाख रुपये निकाल लिए थे। इस रकम को उन्होंने अपने इलाज के लिए बचाकर रखा था। लेकिन, कई बार पुलिस चौकी, थाना और एसीपी कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उनका मामला दर्ज नहीं किया गया। यह सुनकर एसीपी ने उन्हें कुर्सी पर बैठाकर ढांढस बंधाया और उनकी व्यथा को ध्यान से सुना।
जगतपाल, जो हापुड़ रोड पर एक फर्म में कंप्यूटर ऑपरेटर थे, ने बताया कि उन्हें करीब ढाई साल पहले यूरिनरी ब्लैडर कैंसर का पता चला था और तब से उनका इलाज मेरठ रोड स्थित श्री जगन्नाथ कैंसर अस्पताल में चल रहा है। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है, जिनमें से बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। 22 जून को जब जगतपाल ने इलाज के खर्च के लिए आश्रम रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से पैसे निकालने का प्रयास किया, तो एक युवक ने मदद के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। जब उन्हें मशीन में तकनीकी खराबी का आभास हुआ, तो उन्होंने दूसरे एटीएम की ओर जाने का निर्णय लिया। इस दौरान उनके मोबाइल पर संदेश आने लगे, जिसमें बताया गया कि उनके खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं।
















