Bijnor Murder Case: सभी सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा

बिजनौर में 2012 में हुए प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश शहजाद अली ने सभी सात अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास
बिजनौर में 2012 में हुए प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश शहजाद अली ने सभी सात अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में संजय गुप्ता, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, आशीष अग्रवाल उर्फ रीशू, निखिल अग्रवाल और अनुज गुप्ता शामिल हैं। इन सभी अभियुक्तों का संबंध रसूखदार परिवारों से है, जिसमें उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल के पति और बेटे का नाम भी शामिल है। यह मामला तब शुरू हुआ जब 19 दिसंबर 2012 को अग्रसेन जयंती के अवसर पर प्रबल अग्रवाल लापता हो गए थे। उनके पिता आलोक अग्रवाल ने शहर कोतवाली में उनके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि प्रबल अग्रवाल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे, जहां उन्हें शराब के नशे में धुत अभियुक्तों ने बुरी तरह से पीटा और फिर कहीं ले जाकर उनकी हत्या कर दी।
प्रबल अग्रवाल का शव 15 जनवरी 2013 को मेरठ के हस्तिनापुर में गंगा किनारे बरामद हुआ था। शव की पहचान आलोक अग्रवाल ने की थी। पुलिस ने इस मामले में संजय गुप्ता, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, आशीष अग्रवाल, निखिल अग्रवाल और अनुज गुप्ता को आरोपित बनाया। अभियुक्तों के खिलाफ अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। 29 जुलाई को न्यायाधीश शहजाद अली ने सभी आरोपितों को दोषी ठहराया और सजा सुनाने की तारीख 31 जुलाई तय की थी। इसके बाद सभी दोषियों को न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया गया था।
















