Corruption in Jharkhand Exams: झारखंड में परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार का खुलासा

झारखंड में दो भाइयों की कहानी ने राज्य की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और धांधली की गंभीरता को उजागर किया है। 19 वर्षीय युवा अपने 32 वर्षीय बड़े भाई क
झारखंड में दो भाइयों की कहानी ने राज्य की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और धांधली की गंभीरता को उजागर किया है। 19 वर्षीय युवा अपने 32 वर्षीय बड़े भाई की ओर इशारा करते हुए कहता है कि वे दोनों एक ही JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यह केवल दो भाइयों की कहानी नहीं है, बल्कि यह झारखंड के पूरे सिस्टम की नंगी तस्वीर है, जहां पेपर लीक और धांधली ने युवाओं की दो पीढ़ियों के सपनों को एक ही कोचिंग के बेंच पर खड़ा कर दिया है। इन दोनों भाइयों की बातचीत से यह स्पष्ट होता है कि कैसे एक ही परीक्षा में बैठने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ रहा है। बड़े भाई ने 32 साल की उम्र में 8 बार परीक्षा दी है, जबकि छोटा भाई अभी केवल 19 साल का है। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि कैसे युवा अपनी जवानी के बेहतरीन साल किताबों और अनिश्चितता में बिता रहे हैं।
32 वर्षीय बड़े भाई ने कहा कि उन्होंने 8 बार परीक्षा दी है, लेकिन अब तक चयन नहीं हुआ है। उनका आक्रोश स्पष्ट है, क्योंकि वे मानते हैं कि जिनके पास पैसे थे, वे पैसे देकर चयनित हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होता है, बाजार में हर एक पोस्ट का 'रेट' पहले से तय होता है। यह स्थिति उन युवाओं के लिए बेहद निराशाजनक है, जो मेहनत और लगन से पढ़ाई कर रहे हैं। बड़े भाई ने तंज करते हुए कहा कि अगर यही स्थिति है, तो सरकार को आधिकारिक तौर पर रेट लिस्ट जारी कर देनी चाहिए, ताकि सभी को पता हो कि किस पोस्ट के लिए कितना पैसा देना है।
















