Chitrakoot News: प्रेम संबंध में पति बना बाधा तो सोते समय मार दी थी गोली, पत्नी व नाबालिग प्रेमी के दो दोस्तों को उम्रकैद

चित्रकूट से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेम संबंध के चलते अपने पति की हत्या की साजिश रची। जिला जज शेषमणि ने इस मामले में पत्नी सवि
चित्रकूट से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेम संबंध के चलते अपने पति की हत्या की साजिश रची। जिला जज शेषमणि ने इस मामले में पत्नी सविता पटेल और उसके नाबालिग प्रेमी के दो दोस्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने अपने फैसले में इसे एक जघन्य सामाजिक अपराध करार दिया और कहा कि पत्नी द्वारा पति की हत्या की साजिश किसी भी स्थिति में क्षमा योग्य नहीं है। यह मामला उस समय सामने आया जब रामबाबू पटेल की 17 फरवरी 2024 की रात को उनके घर में सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। अगले दिन रामबाबू के पिता ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की, जिसने 27 फरवरी को हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया। जांच में पता चला कि यह साजिश रामबाबू की पत्नी सविता ने अपने नाबालिग प्रेमी और उसके दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी। आरोपियों में बरकत अली और अफजल उर्फ फैजल शामिल थे, जो जनपद बांदा के टिकुरी गांव के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर 21 मई 2024 को करीब 150 पृष्ठों की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। सुनवाई के दौरान रामबाबू की पुत्री ने अदालत को बताया कि उसके पिता के परिचितों में से एक ने उसकी मां के साथ अपनी फोटो फेसबुक पर पोस्ट की थी, जिसके बाद रामबाबू ने उसकी पिटाई कर दी थी।
जिला जज शेषमणि ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 44 पृष्ठों के निर्णय में सविता पटेल, बरकत अली और अफजल उर्फ फैजल को दोषी करार दिया। इस मामले में नाबालिग प्रेमी होने के कारण उसका मुकदमा किशोर न्यायालय को स्थानांतरित किया गया है, जहां सुनवाई अभी जारी है। अभियोजन के अनुसार, नाबालिग प्रेमी और उसके दोनों साथी एक ठेकेदार के साथ बालू कारोबार में काम करते थे। जिला जज ने अपने फैसले में कहा कि पति की हत्या के लिए पत्नी द्वारा रची गई साजिश सामाजिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार है और ऐसे अपराध किसी भी स्थिति में क्षमा योग्य नहीं हैं। यह मामला समाज में प्रेम संबंधों के चलते होने वाले अपराधों की गंभीरता को उजागर करता है।
















