Court hears slap incident in Chandigarh: पुलिस के सामने थप्पड़ से सुनने की क्षमता 17 प्रतिशत कम हुई

चंडीगढ़ में एक अनोखा मामला अदालत तक पहुंचा है, जिसमें एक व्यक्ति को पुलिस के सामने थप्पड़ मारने के कारण सुनने की क्षमता में कमी का सामना करना पड़ा। इस मामले में
चंडीगढ़ में एक अनोखा मामला अदालत तक पहुंचा है, जिसमें एक व्यक्ति को पुलिस के सामने थप्पड़ मारने के कारण सुनने की क्षमता में कमी का सामना करना पड़ा। इस मामले में, पीड़ित मोहम्मद हसन कुरैशी ने अदालत में शिकायत की थी कि इफ्तेकार नामक व्यक्ति ने उसे थप्पड़ मारा, जिससे उसकी सुनने की क्षमता 17 प्रतिशत कम हो गई। यह घटना 3 मार्च 2025 को हुई थी, जब दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। मामला दड़वा चौकी तक पहुंचा, जहां इफ्तेकार ने अचानक कुरैशी पर थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना के बाद कुरैशी को मनीमाजरा के अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जीएमसीएच-32 रेफर किया गया। वहां ईएनटी विभाग में इलाज के दौरान यह पता चला कि उसके एक कान की सुनने की क्षमता में कमी आई है। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इफ्तेकार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 117(2) के तहत मामला दर्ज किया। अदालत में लगभग डेढ़ साल तक सुनवाई चली, जिसके बाद इफ्तेकार को दोषी करार दिया गया। अदालत ने 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे इफ्तेकार को कुरैशी को मुआवजे के रूप में देना होगा।
हालांकि, अदालत ने इफ्तेकार को जेल भेजने के बजाय उसे अच्छे आचरण की शर्त पर छोड़ने का फैसला किया। अदालत ने कहा कि इफ्तेकार आदतन अपराधी नहीं है और उसने केवल एक थप्पड़ मारा है। इस फैसले पर पीड़ित कुरैशी ने असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अदालत का यह निर्णय उसके लिए संतोषजनक नहीं है, क्योंकि उसे इतनी तेज थप्पड़ मारा गया था कि उसकी सुनने की क्षमता में कमी आई। कुरैशी ने कहा कि 20 हजार रुपये का जुर्माना उसके लिए कोई सबक नहीं है और वह इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने का इरादा रखते हैं।
















