Driving without a license in Gurugram: बिना लाइसेंस ड्राइविंग की सजा, बीमा कंपनी बची; गाड़ी मालिक-ड्राइवर अपनी जेब से भरेंगे 21.30 लाख

महावीर यादव, बादशाहपुर। गुरुग्राम में एक सड़क हादसे में 19 वर्षीय युवक की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (mact) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। इ
महावीर यादव, बादशाहपुर। गुरुग्राम में एक सड़क हादसे में 19 वर्षीय युवक की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। इस मामले में, दुर्घटना के समय कार के ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, जिसके कारण अदालत ने बीमा कंपनी को मुआवजे के भुगतान की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया। इसके साथ ही, वाहन के मालिक और ड्राइवर को संयुक्त रूप से 21.30 लाख रुपये का मुआवजा और 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया गया है। अदालत ने इस मामले में स्पष्ट रूप से कहा कि ड्राइवर का बिना लाइसेंस वाहन चलाना बीमा पालिसी की शर्तों का उल्लंघन है, इसलिए बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
अदालत के पीठासीन अधिकारी नरेंद्र सूरा ने अपने फैसले में कहा कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले दीपक तिवारी की मां बृजबाला को 20.42 लाख रुपये तथा उसकी दोनों बहनों प्रिया तिवारी और मानशी को 44-44 हजार रुपये दिए जाएंगे। बृजबाला, जो कि उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के गांव पुलंदर की निवासी हैं, को यह राशि वाहन मालिक हिमगिरि ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड और वाराणसी के थाना बनारस के गांव शिवदासपुर के निवासी ड्राइवर चंद्रशेखर को संयुक्त रूप से अदा करनी होगी। यह मामला 13 मार्च 2024 को घटित हुआ, जब दीपक तिवारी अपनी मोटरसाइकिल पर नौरंगपुर से रामपुरा की ओर जा रहा था।
















