ED tightens grip in Bitcoin scam: हेमंत शर्मा की 8.54 करोड़ की संपत्ति कुर्क

देहरादून में बिटकाइन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हेमंत ईश्वर शर्मा की संपत्तियों पर शिकंजा कस दिया है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए
देहरादून में बिटकाइन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हेमंत ईश्वर शर्मा की संपत्तियों पर शिकंजा कस दिया है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शर्मा की 8.54 करोड़ रुपये की संपत्तियों, जिसमें एक बंगला और दो बीएमडब्ल्यू कारें शामिल हैं, को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया है। यह कार्रवाई उस घोटाले के संदर्भ में की गई है, जिसमें शर्मा ने देशभर के निवेशकों को बिटकाइन में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये ठगे। ईडी के अनुसार, यह जांच थाना राजपुर, देहरादून में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। इसके अलावा, उधमसिंह नगर जिले के थाना दिनेशपुर में भी शर्मा और अन्य के खिलाफ अलग एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि हेमंत शर्मा ने बीटीसीएफयूएनडी.आईएस नामक एक वेबसाइट के माध्यम से निवेशकों को भारी रिटर्न का लालच दिया। उसने दावा किया कि कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हैं, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
ईडी की जांच के अनुसार, यह फर्जी निवेश योजना 2014 से 2018 के बीच चलाई गई। इस दौरान, बड़ी मात्रा में बिटकाइन जमा हो गए और जब निवेशकों का भरोसा पूरी तरह से जीत लिया गया, तब अचानक वेबसाइट बंद कर दी गई। इससे निवेशकों का पैसा फंस गया और वे ठगी का शिकार हो गए। ईडी ने ब्लाकचेन विश्लेषण के माध्यम से लगभग 856.23 बिटकाइन को अपराध की आय के रूप में चिह्नित किया है, जिसकी मौजूदा अनुमानित कीमत करीब 200 करोड़ रुपये है। ईडी का आरोप है कि इन बिटकाइन को विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से धन शोधन कर अचल संपत्तियां खरीदने, महंगी कारें लेने और देहरादून स्थित आवास के नवीनीकरण में लगाया गया।
















