Meta's apology demanded: प्रधानमंत्री का वीडियो हटाने पर जुकरबर्ग को करनी होगी माफी

नई दिल्ली में सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति के प्रमुख निशिकांत दुबे ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि मेटा के प्रमुख मार्क जुकरब
नई दिल्ली में सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति के प्रमुख निशिकांत दुबे ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाने के मामले में व्यक्तिगत रूप से माफी मांगनी चाहिए। यह वीडियो उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा करने के बाद हटाया गया था, जिन्होंने पेपर लीक किया था। समिति के अन्य सदस्यों ने भी इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। मेटा को 10 दिनों के भीतर इस मामले में लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। हालांकि, समिति में शामिल विपक्षी सांसदों ने यह भी कहा कि इंटरनेट मीडिया पर असहमति के लिए जगह होनी चाहिए और सरकार-विरोधी सामग्री को देश विरोधी नहीं माना जाना चाहिए।
बैठक के दौरान, निशिकांत दुबे ने कहा कि फेसबुक से प्रधानमंत्री का वीडियो हटाना या तो एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी थी या मेटा और इंस्टाग्राम द्वारा जानबूझकर प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मेटा प्रधानमंत्री की आधिकारिक पोस्ट के साथ ऐसा व्यवहार कर रहा है, तो आम लोगों को क्या उम्मीद करनी चाहिए। यह मामला सिर्फ एक तकनीकी गड़बड़ी नहीं है, बल्कि इससे गंभीर सवाल उठते हैं। समिति की तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में सांसदों ने मेटा के प्रतिनिधियों से सवाल पूछे और इस मुद्दे पर गहन चर्चा की।

















