Final journey of BSP MLA Umashankar Singh: बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

जागरण संवाददाता, नगरा (बलिया)। क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक स्वर्गीय उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोगों ने नम आंखों से
जागरण संवाददाता, नगरा (बलिया)। क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक स्वर्गीय उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा के दौरान उनके अनुज रमेश सिंह और पुत्र प्रिंस युकेश सिंह भावुक नजर आए। दोनों की आंखों से लगातार बहते आंसुओं ने उपस्थित लोगों को भी भावुक कर दिया। विधायक के प्रति लोगों का यह स्नेह और सम्मान उनकी जनसेवा की भावना को दर्शाता है। अंतिम यात्रा के दौरान उमड़ी भीड़ उनके परिवार को यह भरोसा दिलाती रही कि पूरे क्षेत्र की जनता उनके साथ खड़ी है। विधायक की अंतिम यात्रा उनके खनवर स्थित आवास से शुरू होकर बछईपुर, सलेमपुर, चोगड़ा, कुकुरहा, हजौली, चिलकहर होते हुए बलिया शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गंगा घाट स्थित अंतिम संस्कार स्थल पहुंची। पूरे मार्ग में आमजन, समर्थकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर दिवंगत विधायक को अंतिम विदाई दी। इस दौरान, प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात की समुचित व्यवस्था की थी, ताकि लोगों को कोई कठिनाई न हो। लोगों ने विधायक उमाशंकर सिंह के जनसेवा और सामाजिक कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। डीएम व एसपी ने दी श्रद्धांजलि। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने शुक्रवार सुबह खनवर स्थित विधायक के आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई में खनवर में उपजिलाधिकारी रणधीर सिंह की मौजूदगी में पुलिस जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ दिवंगत विधायक को सलामी दी। अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब। विधायक के अंतिम दर्शन के लिए गांव-गांव से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम विदाई दी। इस प्रकार, उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा ने यह साबित कर दिया कि वे अपने क्षेत्र के लोगों के दिलों में कितने प्रिय थे।
















