FIR against teacher 40 years after job appointment: आगरा में 40 साल बाद शिक्षक पर नौकरी में फर्जीवाड़े का मामला, FIR दर्ज

आगरा में 60 वर्षीय सहायक शिक्षक पर नौकरी में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यह मामला करीब 40 साल पहले की नियुक्ति से जुड़ा है। जांच में नियुक्ति प्रक्रिया के
आगरा में 60 वर्षीय सहायक शिक्षक पर नौकरी में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यह मामला करीब 40 साल पहले की नियुक्ति से जुड़ा है। जांच में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गई हैं। खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत के अनुसार, टोरा स्थित कविरत्न श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज के प्रबंधक अनिल कुमार शर्मा ने दिनेश चंद्र की नियुक्ति में अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसके आधार पर जांच शुरू की गई।
जांच में पता चला कि दिनेश चंद्र की नियुक्ति वर्ष 1985-86 के आसपास हुई थी। आरोप है कि उनके भाई महेंद्र सिंह लवानिया ने इस नियुक्ति में मदद की थी। लवानिया उस समय कॉलेज के प्रधानाचार्य और चयन समिति के सदस्य थे। जांच अधिकारियों ने कहा कि नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर किया गया था, जिसमें अभ्यर्थी की मां का नाम भी शामिल था। साथ ही, दोनों भाइयों के पते भी एक ही पाए गए।
खंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर दिनेश चंद्र, महेंद्र सिंह लवानिया और स्कूल के पूर्व प्रबंधक नवीन पाराशर के खिलाफ आगरा के एकता थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। सीनियर सब इंस्पेक्टर प्रदीप कौशिक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि नौकरी पाने के लिए किसी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल हुआ या नहीं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दिनेश चंद्र को वर्ष 2021 में दिए गए रिटायरमेंट लाभ में भी अनियमितताएं थीं। उन्होंने निर्धारित रिटायरमेंट से करीब दो साल पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली थी। आरोप है कि पूर्व प्रबंधक नवीन पाराशर ने उनके रिटायरमेंट लाभ के भुगतान को मंजूरी दी, जबकि उस समय उनके पास ऐसा करने का कानूनी अधिकार नहीं था।















