Flood threat in Shahjahanpur: गंगा में उफान से 20 गांवों में बाढ़ का खतरा

शाहजहांपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से मिर्जापुर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नरौरा बैराज से पिछले दो दिनों में तीन लाख क्यूसेक से अधिक
शाहजहांपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से मिर्जापुर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नरौरा बैराज से पिछले दो दिनों में तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी गंगा में छोड़े जाने के कारण जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे का लगभग पांच किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। इस हाईवे पर चौरा से नगला बसोला गांव तक डेढ़ फुट पानी भर जाने के कारण स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के तेज बहाव के बीच कांवड़ियों और आम लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि गंगा के तटवर्ती बीस गांवों के पास पानी पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक हो रही बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बांधों-बैराजों से अतिरिक्त पानी छोड़ने के कारण इन गांवों के आसपास के खेतों में फसलें भी डूब गई हैं।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर नीचे 143.43 मीटर के स्तर पर बह रहा है, लेकिन पिछले 24 घंटे में जलस्तर में सात सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। इस हाईवे का उपयोग कांवड़िये गंगाजल लेने के लिए करते हैं और वे ढाई घाट की ओर जाते हैं। बाढ़ के खतरे को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे लोगों में और भी चिंता बढ़ गई है। ऐसे में स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।















