Flood Threat in Uttar Pradesh: यूपी में घाघरा नदी फिर खतरे के निशान के करीब, कई जिलों में बाढ़ और कटान का बढ़ा खतरा

लखनऊ में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर प्रदेश की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से घाघरा नदी की स्थिति चिंताजन
लखनऊ में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर प्रदेश की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। विशेष रूप से घाघरा नदी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जो बहराइच और गोंडा के क्षेत्रों में लाल निशान के बेहद करीब पहुंच गई है। इससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा फिर से बढ़ गया है। प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कासगंज में गंगा नदी भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जो 162.54 मीटर पर पहुंच गई है। इससे जिले के लगभग 140 तटीय गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बहराइच में एल्गिन ब्रिज पर पिछले 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर 17 सेंटीमीटर बढ़ा है। बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से केवल नौ सेंटीमीटर नीचे बह रही है, जबकि गोंडा में घाघरा लाल निशान से महज 15 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। यदि जलस्तर और बढ़ता है, तो तरबगंज और कर्नलगंज क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है। सीतापुर में घाघरा और शारदा नदियों का पानी खेतों और गांवों में फैल गया है, जिससे रामपुर मथुरा, बेहटा और रेउसा क्षेत्र के करीब 130 तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
















