Flour Mill Fraud: फ्लोर मिल ने दूसरे ब्रांड का आटा अपने नाम से बेचा

हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने मिलावटखोरी के मामले में एक फ्लोर मिल पर कार्रवाई की है। जांच के दौरान टीम ने पाया कि इस मिल ने अन्य कंपनियों के पैक्
हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की एक टीम ने मिलावटखोरी के मामले में एक फ्लोर मिल पर कार्रवाई की है। जांच के दौरान टीम ने पाया कि इस मिल ने अन्य कंपनियों के पैक्ड आटे को खोलकर 'दर्शन' ब्रांड के पैकेटों में दोबारा भरकर बेचा जा रहा था। यह न केवल खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा पैदा करता है। टीम ने जब अन्य जिलों में निर्मित आटे के पैकेटों की जांच की, तो कई पैकेटों पर बैच नंबर, पैकेजिंग तिथि और एक्सपायरी तिथि नहीं अंकित थी, जो खाद्य सुरक्षा के मानकों के खिलाफ है। इस प्रकार के फर्जीवाड़े के चलते टीम ने 3000 किलोग्राम 'श्री भोग' ब्रांड का आटा, 'आटा चक्की फ्रेश' ब्रांड के पैक, 100 किलोग्राम 'दर्शन' ब्रांड का आटा और 200 किलोग्राम चावल का आटा जब्त किया। टीम को संदेह है कि चावल के आटे का उपयोग गेहूं के आटे में मिलाने के लिए किया जा रहा था, जो कि एक गंभीर अपराध है।
इस कार्रवाई के दौरान एफएसडीए की टीम ने मौके से गेहूं के आटे के चार नमूने और अपमिश्रक का एक नमूना लिया। जब इन नमूनों की जांच की जाएगी, तब यह स्पष्ट होगा कि इन आटे में क्या मिलावट की गई थी। सहायक आयुक्त (खाद्य) ने बताया कि जब प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होगी, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित फर्म के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इस प्रकार की मिलावटखोरी के मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।
















