Forest Clearance for Dhalbhumgarh Airport: धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को जल्द मिलेगी फॉरेस्ट क्लीयरेंस, सालाना 52 हजार यात्री भरेंगे उड़ान

जमशेदपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोल्हान क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना पर अनिश्चितता का कुहासा अब समाप्त होने की ओर है। केंद्र सरका
जमशेदपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोल्हान क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना पर अनिश्चितता का कुहासा अब समाप्त होने की ओर है। केंद्र सरकार के परिवेश पोर्टल पर इस मेगा प्रोजेक्ट को फिर से सूचीबद्ध किया गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा उठाई गई 19 आपत्तियों का जवाब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) अगले कुछ दिनों में पोर्टल पर अपलोड करने की योजना बना रही है। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से समाज और राज्य की अर्थव्यवस्था को 48 गुना से अधिक का लाभ होगा, जबकि वन क्षेत्र को होने वाले नुकसान की तुलना में यह आंकड़ा बेहद सकारात्मक है। इस ठोस आंकड़े के सामने आने के बाद फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम बाधा दूर होना लगभग तय माना जा रहा है।
एएआई द्वारा तैयार विस्तृत कास्ट-बेनिफिट एनालिसिस (CBA) के आंकड़े भी उत्साहजनक हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 99.25 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण से पर्यावरण को लगभग 29.56 करोड़ रुपये का नुकसान होगा, जबकि अगले 50 वर्षों में इस परियोजना से समाज और सरकार को कुल 1,438.95 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ मिलेगा। लागत-लाभ अनुपात 1:48.6 निर्धारित किया गया है, जो इस परियोजना की आर्थिक viability को दर्शाता है। इस एयरपोर्ट के चालू होने से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों को भी सीधा फायदा होगा।
















