UP RERA Report: संपत्ति के झूठे प्रचार पर बिल्डरों को मिलेगी सजा

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें कहा गया है कि अब रियल एस्टेट परियोजनाओं के भ्रामक प्रचार
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें कहा गया है कि अब रियल एस्टेट परियोजनाओं के भ्रामक प्रचार के लिए जिम्मेदारी बिल्डरों पर डाली जाएगी। यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने वर्ष 2026 की छमाही रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी देने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहले, ऐसे मामलों में प्रभावित करने वालों पर कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब बिल्डरों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार के संबंधित विभाग से संपर्क किया जाएगा ताकि सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक प्रचार के खातों की जानकारी प्राप्त की जा सके। यह कदम घर खरीदारों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, ताकि उन्हें सही और पारदर्शी जानकारी मिल सके।
यूपी रेरा की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में 197, वर्ष 2024 में 259 और वर्ष 2025 में 308 परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। इन तीन वर्षों में कुल 209638 आवासीय इकाइयां बाजार में आईं। यदि 2026 की पहली छमाही में पंजीकृत 46049 इकाइयों को जोड़ दिया जाए, तो यह संख्या 255687 हो जाती है। इस प्रकार, रेरा ने न केवल पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया है, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि घर खरीदारों को सही जानकारी मिले। इसके साथ ही, रेरा ने यह भी बताया कि पिछले छह महीनों में 8212 मामलों में 2173.78 करोड़ रुपये घर खरीदारों को वापस लौटाए गए हैं।
















